अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए २१ करोड का दिया दान
माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी की पहल, आचार्य श्री गोविंददेव गिरी महाराज की जानकारी
पुणे - श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य श्री गोविंददेव गिरी महाराज ने भारत की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या में एक संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि महाराष्ट्र के पुणे स्थित माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी की ओर से अयोध्या में निर्मित होनेवाले भगवान श्री राम मंदिर के पवित्र कार्य हेतू कारसेवा के रूप में २१ करोड रूपये की मदत की जाएगी. इस अवसर पर श्री रामजन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष महन्त नृत्यगोपालदासजी महाराज भी उपस्थित थे.
इस फंड को माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड, इंडिया इंटरनेशनल मल्टिवर्सिटी के प्रमुख पद्मभूषण डॉ. विजय भटकर एवं माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी के कार्याध्यक्ष राहुल विश्वनाथ कराड की संकल्पना से जमा किया जाएगा.
जिसके लिए पुणे की माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी, लोणी कालभोर स्थित एमआईटी आर्ट, डिजाइन एंड टेक्नॉलॉजी युनिवर्सिटी, मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित अवंतिका विश्वविद्यालय, पुणे की इंडिया इंटरनेशनल मल्टिवर्सिटी और माईर्स एमआईटी शिक्षा संस्था समूह के लगभग ७५ हजार छात्र छात्राएं, ५ हजार शिक्षक एवं अन्य कर्मचारीयों के सहयोग से इस पवित्र कार्य के लिए २१ करोड रूपए के फंड का योगदान दिया जाएगा.
![]() |
| प्रा. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड. |
अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर के निर्माण में योगदान देने के लिए संस्था की ओर से सफेद और सर्वोत्तम गुणवत्तावाले मकराना संगमरमर में श्रीराम मंदिर में एक सुंदर गर्भगृह का निर्माण करेगे. इस शानदार गर्भगृह का आकार ३० बाइ ३० फीट होगा.
गर्भगृह में १५ फीट ऊंचे १२ स्तंभ होगे. यहां पर २७ फूट उंचे सोने की परतवाली ज्ञान ज्योति रूप कलश को खडा करने का प्रस्ताव है. इसके उपर एक ८१ फूट ऊँची संगमरमर की चोटी बनाई जाएगी. जिस पर विभिन्न देवताओं के सुंदर चित्र उकेरे जाएंगे.
इस भव्य गर्भगृह में, भगवान श्रीराम की एक भव्य और सुंदर मुर्ति, ग्यारह फीट ऊँची एक ही संगमरमर के पत्थर से तराशी जाएगी. साथ ही श्री लक्ष्मण और माता सीता की सवा नौ फीट ऊँची मुर्तियाँ, जो एक ही संगमरमर पत्थर से तराशी जाएगी.
साथ ही संपूर्ण विश्व को भारतीय संस्कृति, परंपरा और दर्शन के लिए एक दार्शनिक का प्रतीक मर्यादा पुरूषोत्तम प्रभू श्री रामचंद्र की एक उचित दृष्टि प्रदान करने के लिए ‘ विश्वधर्मी श्रीराम भारतीय संस्कृति दर्शन लाइब्रेरी ’ की स्थापना की जाएगी.
जैसे की पहले ही उल्लेख किया गया है, इस खूबसूरत ‘गर्भगृह ’ और ‘ भव्य लाइब्रेरी’ के निर्माण में लगभग २१ करोड रूपये की लागत आने की उम्मीद है. इस पवित्र कार्य में संस्था से जुडे विभिन्न शुभचिंतको का योगदान होगा.
माइर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी ने इस कार सेवा को एक वास्तविकता बनाने की योजना बनाई है.
माईर्स एमआईटी वर्ल्ड पीस युनिवर्सिटी के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. विश्वनाथ दा. कराड ने बताया, भगवान श्रीरामचंद्रजी के सेवा में किए जानेवाला यह महान कार्य राष्ट्रधर्मपूजक, विश्वकल्याण और मानवकल्याण के कार्य दार्शनिक संत श्री ज्ञानेश्वर महाराज और संत श्री तुकाराम महाराज के नाम से होगा.


Post A Comment
No comments :