अचानक मोदी की तरफ मुड़ा यूरोप, मांगी बड़ी चीज, चौंक गए पुतिन-ट्रंप!
दिल्ली में हैदराबाद हाउस के कैलाश हॉल में एक ऐसी ऐतिहासिक डील साइन हुई जिसका असर दुनिया के हर देश पर पड़ना तय है। कई देशों को इससे फायदा होगा तो कई बर्बाद हो जाएंगे। कईयों का अहंकार चखनाचूर हो जाएगा। आज भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता यानी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हो गया है। मदर ऑफ ऑल डील्स कहा जा रहा यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट यूरोप के 27 देशों की लड़खड़ाती हुई अर्थव्यवस्था को बचा सकता है। मगर जब यह डील साइन हो रही थी तो यूरोप बीच में ही अचानक पीएम मोदी की तरफ मुड़ा और उनसे ऐसी चीज मांग ली जिसे सुनकर पुतिन और डोन्ड ट्रंप भी चौंक जाएंगे। रूस तो शायद खुशी से झूम उठेगा मगर अमेरिका दशकों तक रोएगा। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपियन आयोग की अध्यक्ष उर्सला वान डेर ने अचानक मुड़कर पीएम मोदी से ऐसी चीज मांग ली जो आपके होश उड़ा देगी।
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यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 200 करोड़ लोगों की एक साझा मार्केट तैयार करेगा जो दुनिया की 25% जीडीपी कवर करता है। इंपोर्टेड लग्जरी कारों पर टेरिफ 110% से घटाकर 10% कर दिया गया है। यानी माना जा सकता है कि Mercedes Benz, BMW और Foxwagen जैसी कारें काफी सस्ती हो सकती हैं। इसके अलावा विदेशी पास्ता, चॉकलेट और प्रोसेस फूड पर टेरिफ पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। भारत को यूरोपीय सामान सस्ता मिलेगा और यूरोप का सामान भारत में ज्यादा बिकेगा। इस ऐतिहासिक डील पर अपनी बात रखते हुए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा अचानक पीएम मोदी की तरफ मुड़े और कहा कि अब आप बस यूक्रेन के मुद्दे को भी सुलझवा दीजिए। हमें आप पर ही भरोसा है। यह बयान डॉन्ड ट्रंप के कानों को चीर देगा। लेकिन असली खेल तब हुआ जब एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि वैसे तो हम चाहते हैं कि यूक्रेन की स्वतंत्रता और संप्रभुता को बचाना चाहिए।
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अगर जरूरत पड़ी तो यूक्रेन कई बड़े कॉम्प्रोमाइज करने के लिए भी तैयार है। यह बयान नहीं पूरा बवाल है। यूरोप ने भारत में खड़े होकर इशारा किया है कि भारत रूस से नेगोशिएट करने की कोशिश करें। अगर फिर भी बात नहीं बनती तो यूक्रेन मुश्किल कॉम्प्रोमाइज भी करने के लिए तैयार है। यानी यूरोप चाहता है कि किसी भी तरह से भारत रूस और यूक्रेन के बीच बातचीत शुरू करवा दे। पुतिन की शर्तें हम काफी हद तक मानने के लिए तैयार हैं। यह बयान रूस के लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस भी इस जंग से निकलना चाहता है और यूरोप भी। उर्सला वान ने कहा कि जब भारत सफल होता है तो दुनिया ज्यादा स्थिर, ज्यादा समृद्ध और ज्यादा सुरक्षित होती है।
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